सूक्ति
भोग से कभी शान्ति नही मिलती
उम्मीद ही ख़ुशी का कारण होती है
होती है जब उम्मीद पूरी तो वो ख़ुशी को भी साथ ले जाती है
जब तक होती है उम्मीद तभी तक ख़ुशी रह पाती है
और पूरी होकर उम्मीद जरूरत बन जाती है
भोग से कभी शान्ति नही मिलती
उम्मीद ही ख़ुशी का कारण होती है
होती है जब उम्मीद पूरी तो वो ख़ुशी को भी साथ ले जाती है
जब तक होती है उम्मीद तभी तक ख़ुशी रह पाती है
और पूरी होकर उम्मीद जरूरत बन जाती है
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