केले और आम
आज फिर वक़्त की घड़ी को पीछे घुमाने का जी चाहता है
आज फिर वो गुजरा जमाना याद आता है
आज फिर वो झंडिया लेकर अपने नेताओ का स्वागत करना याद आता है
आज फिर उनका खुली जीप में आकर हमारा दुःख दर्द सुनना याद् आता है
आज फिर उन कार्य वाहक प्रधान मंत्री (स्व श्री गुलजारी लाल नंदा)की
वो उनके मरने के बाद मकान मालिक द्वारा फेंकी गयी खटिया याद आती है
आज फिर वो स्व श्री राम मनोहर लोहिया की पैदल चलकर
दरयागंज से कनाट प्लेस तक पैदल चलकर आती हुई छवि याद आती है
ऐसा नहीं है की वो नेता नही थे
या उनको कोई प्रलोभन देते नही थे
मगर सच ये है की वो जनसेवा के लिए कुर्बान हो गये
इसीलिये शायद वो आज गुमनाम हो गये
और ये आज कल के छोकरे जनता के लिए कहते है कि
आज हम(जनता) केले और वो आम हो गये
कल तक जो थे जो आम के व्यापारी आज वो राष्ट्रिय दामाद हो गये
मगर वो शायद भूल गये की घर पर दामाद का
कभी कभी आना ही अच्छा लगता है
आम तो स्वाद के लिए खाते है
पेट भरने के लिए केले का खाना ही अच्छा लगता है
प्रजा तन्त्र में जनता को केले का गुदा समझ कर
इज्जत से पेश आये तो खूब पेट भर पाओगे
और छिलका समझ कुचलने की कोशिश की तो
याद रखो मुह के बल गिर जाओगे ..........मुह के बल गिर जाओगे।
आज फिर वक़्त की घड़ी को पीछे घुमाने का जी चाहता है
आज फिर वो गुजरा जमाना याद आता है
आज फिर वो झंडिया लेकर अपने नेताओ का स्वागत करना याद आता है
आज फिर उनका खुली जीप में आकर हमारा दुःख दर्द सुनना याद् आता है
आज फिर उन कार्य वाहक प्रधान मंत्री (स्व श्री गुलजारी लाल नंदा)की
वो उनके मरने के बाद मकान मालिक द्वारा फेंकी गयी खटिया याद आती है
आज फिर वो स्व श्री राम मनोहर लोहिया की पैदल चलकर
दरयागंज से कनाट प्लेस तक पैदल चलकर आती हुई छवि याद आती है
ऐसा नहीं है की वो नेता नही थे
या उनको कोई प्रलोभन देते नही थे
मगर सच ये है की वो जनसेवा के लिए कुर्बान हो गये
इसीलिये शायद वो आज गुमनाम हो गये
और ये आज कल के छोकरे जनता के लिए कहते है कि
आज हम(जनता) केले और वो आम हो गये
कल तक जो थे जो आम के व्यापारी आज वो राष्ट्रिय दामाद हो गये
मगर वो शायद भूल गये की घर पर दामाद का
कभी कभी आना ही अच्छा लगता है
आम तो स्वाद के लिए खाते है
पेट भरने के लिए केले का खाना ही अच्छा लगता है
प्रजा तन्त्र में जनता को केले का गुदा समझ कर
इज्जत से पेश आये तो खूब पेट भर पाओगे
और छिलका समझ कुचलने की कोशिश की तो
याद रखो मुह के बल गिर जाओगे ..........मुह के बल गिर जाओगे।
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